Monday, February 14, 2011

फूल बिछा दूंगा



तुम प्यार से कुछ -
बोल बोल दो ,
मैं उन्हें अपने -
गीतों में सजा लूँगा !
तुम इठला कर -
कुछ कदम चल दो ,
मैं तुम्हारी राह में -
फूल बिछा दूंगा !
तुम अपने प्यार का -
इजहार कर दो ,
मैं जीवन तुम पर -
न्योछावर कर दूंगा !

बहुत आसां - बहुत मुश्किल



बहुत आसां है प्यार करना ,
बहुत मुश्किल है निभाना !
बहुत आसां है महसूस करना ,
बहुत मुश्किल है कहना !
बहुत आसां है बातें करना ,
बहुत मुश्किल है सुनना !
बहुत आसां है याद करना ,
बहुत मुश्किल है याद आना !
बहुत आसां है साथ लेना  ,
बहुत मुश्किल है साथ देना !

Sunday, February 13, 2011

तुमसे भी




कम न होने देना प्यार
दिल से अपने कभी !
यही तो सहारा है मेरा ,
यही उम्मीद जीवन की !!
तुम रहो सदा साथ मेरे ,
यही चाहता हूँ तुमसे भी .!!

परवाह न करो !!




दिल की धडकनों में नाम
अपने प्यार का सुनते रहो  !
कल्पनाओं में अपने प्यार से
मीठी बातें करते रहो  !!
जीवन का क्या है
आज खुश है कल नहीं ,
दिल से प्यार करो
ज़माने की परवाह न करो !!



मुस्कुराना तुम्हारा सम्मोहित कर जाता है ,
मुझसे मेरा बस छूटता सा चला जाता है !
बातें तुम्हारी मीठी सी प्यारी सी ऐसीं हैं ,
कि लगता है सारे रस जीवन में आ गएँ हैं !!



जब तेरी आँखों में देखूं प्यार मचलता ,
मुझ पर से मेरा बस छूटता चला जाता है !
जब देखूं अदाओं में तुम्हारी चंचलता ,
मुझे लगता है जैसे मैं कुछ हूँ ही नहीं हूँ !!
प्यार करने का कोई सलीका नहीं होता ,
वफ़ा निभाहने का कोई तरीका नहीं होता !
प्यार तो वो है जो आँखों से दिल में उतरे ,
अहसास दिलाये कोई प्यार का कैसे ? ऐसा नहीं होता !
जो राज़ - ऐ - दिल कहना हो सनम से ,
ख़त ही लिखा जाये ये जरूरी नहीं होता !!