I am simple person, having good confidence to myself, helping nature , happiness mood,solve all problems by smiling and using simple commonsense..maintain positive environment around myself... "Always dreaming is make path of success in life . Dreaming give shape to our thinking , and thinking solve many of problems of our way of success." bhartiamanu@gmail.com
Friday, March 4, 2011
मुस्कुराता चेहरा !
"मुझसे कहा भगवान ने -
मत कर उसका इंतजार उसका,
इस जनम में मिलना मुश्किल है ?
मैंने भी कह दिया भगवान से -
लेने दे इंतजार का मज़ा ,
अगले जनम में तो मुमकिन है न !
फिर मुझसे कहा भगवान ने -
मत कर इतना प्यार बहुत पछतायेगा ?
मुस्कुरा कर मैंने भी कहा -
देखतें हैं तू कितना मेरी रूह को तड्पाएगा ?
फिर भगवान ने मुझे लालच दिया ,
और कहा -
भूल जा उसे ,
चल मैं तुझे जन्नत की सैर करता हूँ !
मैंने भी भगवान से कहा -
आके पृथ्वी पर देख मेरे प्यार का -
मुस्कुराता चेहरा !
तुझे जन्नत जमीं पर दिखता हूँ !!"
मत कर उसका इंतजार उसका,
इस जनम में मिलना मुश्किल है ?
मैंने भी कह दिया भगवान से -
लेने दे इंतजार का मज़ा ,
अगले जनम में तो मुमकिन है न !
फिर मुझसे कहा भगवान ने -
मत कर इतना प्यार बहुत पछतायेगा ?
मुस्कुरा कर मैंने भी कहा -
देखतें हैं तू कितना मेरी रूह को तड्पाएगा ?
फिर भगवान ने मुझे लालच दिया ,
और कहा -
भूल जा उसे ,
चल मैं तुझे जन्नत की सैर करता हूँ !
मैंने भी भगवान से कहा -
आके पृथ्वी पर देख मेरे प्यार का -
मुस्कुराता चेहरा !
तुझे जन्नत जमीं पर दिखता हूँ !!"
Thursday, March 3, 2011
" भावनाओं के गुलों से सजाया है दिल मैंने ,
अपनी प्यारी बातों से इसमें जान डाल दो ! "
अपनी प्यारी बातों से इसमें जान डाल दो ! "
Wednesday, March 2, 2011
" फेस बुक "..है एक ऐसी अप्रतीम दुनिया -
जिसके आकाश में इतने रंग है कि -
" इन्द्रधनुष " के रंग भी कम पड़ जाएँ ..!
जिसकी बगिया में इतने पुष्प है कि -
" इस जहाँ " के पुष्प भी कम पड़ जाएँ ..!
जिसके दिलों में इतना प्यार है कि -
'सारे संबंधों" का प्यार भी कम पड़ जाये !
जिसके शब्दों में इतना अपनत्व है कि -
" व्यक्त " करने में शब्द भी कम पड़ जाएँ !!
जिसके आकाश में इतने रंग है कि -
" इन्द्रधनुष " के रंग भी कम पड़ जाएँ ..!
जिसकी बगिया में इतने पुष्प है कि -
" इस जहाँ " के पुष्प भी कम पड़ जाएँ ..!
जिसके दिलों में इतना प्यार है कि -
'सारे संबंधों" का प्यार भी कम पड़ जाये !
जिसके शब्दों में इतना अपनत्व है कि -
" व्यक्त " करने में शब्द भी कम पड़ जाएँ !!
" प्यार का साथी दर्द "
" एक बार सारी ' फीलिंग्स ' ने तय किया कि -
वे खेलेंगीं ' छुपा -छुपी ' का खेल !
' दर्द ' ने गिनती शुरू की और -
बाकि सारी ' फीलिंग्स ' छुप गईं !
' झूठ ' छुपा पेड़ के पीछे ,
' प्यार ' छुपा गुलाब की झाड़ियों के पीछे !
फिर सब पकडे गए सिवा ' प्यार ' के ,
ये देख ' जेलिसी ' ने ' दर्द ' को बता दिया कि-
' प्यार ' छुपा है कहाँ पर ..?
' दर्द ' ने ' प्यार ' को खींच कर निकला ..,
तो ' काँटों ' की वजह से -
' प्यार ' की ' आँखें ' ख़राब हो गईं !
और ' प्यार ' अँधा हो गया !
ये देख कर ' भगवान ' ने सजा सुनाई -
' प्यार ' तू सदा ' अँधा ' ही रहेगा !
' दर्द ' से कहा कि -
तू सदा ' प्यार ' के साथ ही रहेगा !
तब से ' प्यार ' अँधा ' होता है और -
जहाँ भी जाता है ' दर्द ' साथ ही होता है !!"
वे खेलेंगीं ' छुपा -छुपी ' का खेल !
' दर्द ' ने गिनती शुरू की और -
बाकि सारी ' फीलिंग्स ' छुप गईं !
' झूठ ' छुपा पेड़ के पीछे ,
' प्यार ' छुपा गुलाब की झाड़ियों के पीछे !
फिर सब पकडे गए सिवा ' प्यार ' के ,
ये देख ' जेलिसी ' ने ' दर्द ' को बता दिया कि-
' प्यार ' छुपा है कहाँ पर ..?
' दर्द ' ने ' प्यार ' को खींच कर निकला ..,
तो ' काँटों ' की वजह से -
' प्यार ' की ' आँखें ' ख़राब हो गईं !
और ' प्यार ' अँधा हो गया !
ये देख कर ' भगवान ' ने सजा सुनाई -
' प्यार ' तू सदा ' अँधा ' ही रहेगा !
' दर्द ' से कहा कि -
तू सदा ' प्यार ' के साथ ही रहेगा !
तब से ' प्यार ' अँधा ' होता है और -
जहाँ भी जाता है ' दर्द ' साथ ही होता है !!"
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