Tuesday, March 22, 2011

चित्र तुम बन जाओ





" मैं भावना हूँ तुम्हारी ,
शब्द तुम बन जाओ !
पृष्ठ भूमि मैं बन जाऊं ,
चित्र तुम बन जाओ !!"

Monday, March 21, 2011

ये तुम्हारी अदा है




" जीना हमने कभी जाना नहीं था ?
तुमने सिखाया तो जाना प्यार क्या है !
बातें करना हमे आता नहीं था ?
तुमने सिखाया नहीं ये तुम्हारी अदा है !"

अपना नाम




" मोहब्बत पर आओ लिख देतें हैं,
हम और तुम अपना नाम !
वो भी क्या याद करेगी कि
किसी ने उसे पूरी तरह जिया है !!"

अपने में वो अपनापन

" प्यार से छलका करतीं थीं आँखे तुम्हारी ,
मैं उनमे खो भूल जाता था अपना अकेलापन !
मीठे अहसास से महकातीं थी आँखे तुम्हारी ,
मैं उनमे खो भूल जाता था अपना बेगानापन !
सिर्फ याद है अब था मैं आँखों में तुम्हारी ,
मैं अब भूल जाता हूँ अपने में वो अपनापन !!"


भोली मासूम सी मुस्कराहट




" भोली मासूम सी मुस्कराहट तुम्हारी ऐसी ,
जैसे प्रकृति मुस्काती है फूलों में !
चंचल, नाजुक, कोमल मुस्कान तुम्हारी ऐसी ,
जैसे बहारें बिखेरें खुशियाँ जग में !!"

Sunday, March 20, 2011

मैं हँसता हूँ मुस्कुराता रहता हूँ ..!


" हँसता हूँ मैं मुस्कुराता रहता हूँ ,
किसी को पता भी नहीं चलता कि -
डूबा था कभी मैं भी गम के अँधेरे में !
सबके साथ रहते हुए भी
अकेला ही रहता हूँ ,
अब सब इस धोखे में हैं कि -
मैं हँसता हूँ मुस्कुराता रहता हूँ ..!!

Saturday, March 19, 2011




"बनाता हूँ सपनो में  प्यार की दुनिया मैं ,
कहता किसी से नहीं चुप रहता हूँ !
लिख लेता हूँ अपने प्यार को अपने में मैं ,
कहता किसी से नहीं चुप रहता हूँ !