Tuesday, August 2, 2011

क्या मैं इस लायक था !

वो मझधार ही थी न जिसमे तुमने मुझे छोड़ा था ,
इतना तो सोच लेती मैं कैसे उससे पार आता ?
वो अदा ही थी न जिसमे तुमने मुझे तोडा था ,
इतना तो सोच लेती मैं कैसे खुद को जोड़ता ?
वो बेवफाई ही थी न जिसके भरोसे मुझे छोड़ा था ,
इतना तो सोच लेती मैं उसे सह सकता था ?
वो निर्दई तुम ही थी न जिसने मेरा प्यार ठुकराया था ,
इतना तो सोच लेती क्या किसी और से कर पाता ?
वो बेदर्द तुम ही थी न जिसने मुझे दर्दीला बनाया था ,
इतना तो सोच लेती क्या मैं इस लायक था ?

........ मनु .....

पूछो न उस कागज़ से ,

पूछो न उस कागज़ से ,
जिस पर हम ख्वाब लिखते है !
पूछो न उस कागज़ से ,
तनहाइयों की बाते लिखते हैं !
पूछो न उस कागज़ से ,
नाम तेरा बार बार लिखते हैं !
पूछो न उस कागज़ से ,
जिसपे तेरा इंतजार लिखते हैं !
पूछो न उस कागज़ से ,
तेरे वादों की उम्मीद लिखते हैं !
पूछो न उस कागज़ से ,
तुम लौट आओगी लिखते हैं !
पूछो न उस कागज़ से ,
तुम मुझे प्यार दोगी लिखते हैं !
पूछो न उस कागज़ से ,
सदा साथ मेरे रहोगी लिखतें हैं !
पूछो न उस कागज़ से ,
उस कागज़ को न खोओगी लिखते हैं !
............... मनु ....................