Tuesday, December 18, 2012

शब्दों की कोशिशें .....


जिंदगी के बिखरे सफों को समेटने की ,
कोशिशें कुछ यूँ नाकाम हुईं जैसे -
नाकाम हो जाती हैं बादलों को -
समेटने में आसमान की कोशिशें !

मन के बिखरे भावों को समेटने की -
कोशिशें कुछ यूँ नाकाम हुईं जैसे -
नाकाम हो जाती हैं अक्षरों को -
को समेटने में शब्दों की कोशिशें !

जिंदगी के अकेलेपन को समेटने की -
कोशिशें कुछ यूँ नाकाम हुईं जैसे -
नाकाम हो जाती हैं तुम्हारे प्यार को -
को समेटने में मेरी अधूरी कोशिशें !!”


शब्द मैं बन जाऊंगा .....


तुम अक्षर तो बनो शब्द मैं बन जाऊँगा ,
फिर दुनियां ये न कहेगी कि हम निशब्द हैं !
तुम गीत तो बनो संगीत मैं बन जाऊँगा ,
फिर दुनियां ये न कहेगी कि हम खामोश हैं !
तुम मंजिल तो बनो राह मैं बन जाऊँगा ,
फिर दुनियां ये न कहेगी कि हम वीराने हैं !
तुम कैनवास तो बनो चित्र मैं बन जाऊँगा ,
फिर दुनियां ये न कहेगी कि हम बेरंग हैं !
तुम जीवन तो बनो धडकन मैं बन जाऊँगा,
फिर दुनियां ये न कहेगी कि हम बेगाने हैं !!

उसके नाम से ....



“ बिखरते पलों को कोई संवार दे तो -
जिंदगी फिर मुस्कुराएगी उन पलों से !
बिखरते सपनो को अपना नाम दे तो -
नींद फिर मुस्कुराएगी उन सपनो से !
टूटे दिल को कोई आइना बना दे तो -
तस्वीर फिर मुस्कुराएगी उस दिल से !
अधूरे अरमानों को कोई अपना नाम दे तो -
अरमान फिर पूरे हो जायेंगे उसके नाम से !!”

मिलन बिंदु हम दोनों ...


चलो बन जाते हैं खेवनहार हम दोनों ,
आरजुओं की दरिया में प्यार की नौका के !

चलो बन जाते हैं मिलन बिंदु हम दोनों ,
भावनाओं की ऊंचाई में शब्दों की अनन्तता के !!

चलो बन जाते हैं मैं से हम हम दोनों ,
जीवन की खुशियों में , साथी दुख दर्द के !!!”