Monday, March 7, 2011

समझ न पाया नादाँ दिल मेरा!

तुमने जब दिया मुझे प्यार ,
समझ न पाया नादाँ दिल मेरा!
अपार था तुम्हारा वो प्यार ,
समझ न पाया नादाँ दिल मेरा !
कितना निसम्मा था प्यार ,
समझ न पाया नादाँ दिल मेरा!
विछोह से भी दूर था प्यार ,
समझ न पाया नादाँ दिल मेरा!
हताश जब तुम छोड़ गईं प्यार ,
समझ न पाया नादाँ दिल मेरा !
जब समझ पाया तुम्हारा प्यार,
तो अब तड़पता है नादाँ दिल मेरा !!

No comments:

Post a Comment